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Sanskrit for Ayurveda Practice

Ayurvedic Sanskrit — Decode Sanskrit. Unlock Shastra. Practice Like the Top 1% of Vaidyas.

Pranabhisar Gurukul Official 100h 1 lecture 326+
Ayurvedic Sanskrit — Decode Sanskrit. Unlock Shastra. Practice Like the Top 1% of Vaidyas.

About this course

ज़िंदगी भर आपने संहिताओ के जिन हिंदी/अंग्रेजी अनुवादों पर भरोसा किया, अगर कल आपको पता चले कि किसी अनुवादक ने चरक के श्लोक का अर्थ ही गलत लिख दिया था और आप सालों से उसी गलत अर्थ पर प्रैक्टिस कर रहे हैं, तो आपके पास खुद को डिफेंड करने का क्या रास्ता है?

जब आप किसी सीनियर वैद्य को धाराप्रवाह श्लोक कोट करते हुए और उसी श्लोक से सटीक निदान (Diagnosis) निकालते हुए देखते हैं, तो क्या आपको अपनी प्रैक्टिस उथली (Shallow) और अधूरी लगती है?

अगर उत्तर हां है, तो ये कोर्स आपकी प्रैक्टिस, आपका आयुर्वेद को देखने का नजरिया और संस्कृत भाषा के ऊपर का आपका प्रभुत्व सदा सदा के लिए बदल देने वाला है। 💯✅

हमारा उद्देश्य बिल्कुल साफ है। 👇👇

इस कोर्स के अंत तक आपका संस्कृत और आयुर्वेद—दोनों विषयों पर इतना मजबूत अधिकार होना चाहिए कि आप बड़े-बड़े वैद्यों की संगति में आत्मविश्वास के साथ बैठ सकें।

आप मूल संस्कृत पढ़ सकें, बोल सकें और समझ सकें।

और संस्कृत सीखने की इस पूरी यात्रा में आपका आयुर्वेद भी इतना मजबूत हो जाए कि आयुर्वेद के प्रमुख ग्रंथों (बृहत्रयी) के महत्वपूर्ण अध्याय, महत्वपूर्ण श्लोक और उनके अर्थ—आपको अच्छी तरह ज्ञात हों।

📜 Course Syllabus:-

📕 Ashtang Hruday:-

अ हृ सू 1 2 3 4 9 10 11 12 13 14

अ हृ शा 3 selected Shloka

अ हृ नि 1

अ हृ नि 16 selected Shloka

अ हृ क 6

अ हृ उ 1 selected Shloka

अ हृ 39 selected Shloka

अ हृ उ 40 selected Shloka

📕 Sushrut Samhita:-

सु सू 1, 3/48 onwards

सु सू 4, सु सू 6/1 to 10

सु शा 1 selected Shloka

सु उ 65 selected Shloka

📕 Charak Samhita:-

च नि 6/3,5,7 9,11;

च नि 8/16 to 41

च चि 1/2/3,13,17,19, 1/3/3,7,8, 1/4/selected Shloka

च चि 2/1/1to15

च चि 30/289 onwards

च वि 3/24 to 35

च वि 5 selected Shloka

च वि 6 selected Shloka

च वि 8 selected Shloka

च शा 1 selected Shloka

च शा 2 selected Shloka

च क 12 41 onwards selected Shloka

च सि 1 selected Shloka

च सि 2 selected Shloka

च सि 11/27 to 30

च सि 12 selected Shloka

इस कोर्स में ग्रंथों का अध्ययन करते समय उच्चारण, संधि, विभक्ति, कारक, क्रियापद, विशेषण, अन्वय, अर्थ, समानांतर संदर्भ, स्वयंशोध, स्वबोध और स्व-अनुष्ठान—इन सभी का क्रमबद्ध अध्ययन कराया जाएगा।

जैसे-जैसे आप संस्कृत के मूल ज्ञान को सीखते जाएंगे, वैसे-वैसे आयुर्वेद के ग्रंथों को स्वयं पढ़ने, समझने, श्लोकों का अन्वय-अर्थ करने और उनके संदर्भों को समझने की क्षमता भी विकसित होती जाएगी।

अर्थात्, इस आयुर्वेदिक संस्कृत कोर्स में प्रत्येक वैद्य को संस्कृत के साथ-साथ ग्रंथों से स्वयं ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

जो क्षमता आदरणीय म्हेत्रे सर ने 30 वर्षों के शुद्ध आयुर्वेद प्रॅक्टिस और नित्य संस्कृत अध्ययन से विकसित की, उसे आप कुछ महीनों के सुनियोजित प्रयास से विकसित कर पाएंगे।

यानी एक तरफ संस्कृत की मजबूत नींव, और दूसरी तरफ आयुर्वेद का गहरा ज्ञान।

दो दिग्गज विषय—एक ही कोर्स में। ☝️🔥

ऐसा मौका, ऐसा भाग्य और यह कोर्स भविष्य में फिर कभी नहीं होगा इसलिए -

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